CID जांच के अगले ही दिन रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार का इस्तीफा, आखिर क्या है पूरा मामला?

रांची। राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान रिम्स में चल रहे विवादों के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने विभागीय मंत्री इरफान अंसारी की मंजूरी के बाद उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।

डॉ. राजकुमार के इस्तीफे के बाद रिम्स के सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को अगले आदेश तक संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से आदेश लागू कर दिया गया है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की दो विशेष टीमें रिम्स पहुंची थीं। जांच टीमों में चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। सीआईडी की जांच का मुख्य फोकस वर्ष 2025 में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए एमबीबीएस नामांकन और संस्थान में सफाई कार्य से जुड़े टेंडर में संभावित अनियमितताओं के आरोप रहे।

रिम्स प्रशासन के अनुसार, पहली टीम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में संदिग्ध नामांकन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की, जबकि दूसरी टीम ने सफाई कार्य के लिए जारी निविदा प्रक्रिया, उससे संबंधित फाइलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहन जांच की।

जांच के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने तत्कालीन निदेशक डॉ. राजकुमार, डीन, चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों से पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां अपने कब्जे में लीं। जांच एजेंसी ने तीन एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ मिली शिकायतों से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए हैं।

इससे पहले रिम्स प्रशासन कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिला लेने वाली एमबीबीएस और बीडीएस की दो छात्राओं का नामांकन रद्द कर चुका है। जिला प्रशासन की जांच में दोनों के प्रमाण पत्र अवैध और असत्य पाए गए थे। ऐसे में सीआईडी की जांच और निदेशक के इस्तीफे ने रिम्स की कार्यप्रणाली को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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