मैक्सिको सिटी। फीफा विश्व कप 2026 के संयुक्त मेजबान मैक्सिको ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए ग्रुप चरण के अपने तीसरे मुकाबले में चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर इतिहास रच दिया। यह पहला अवसर है जब मैक्सिको ने विश्व कप के ग्रुप चरण में अपने शुरुआती तीनों मुकाबले जीतने में सफलता हासिल की है। इस जीत के साथ मैक्सिको ने अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का शानदार मौका दिया है।
ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली मैक्सिको की टीम मैच की शुरुआत से ही चेक गणराज्य पर हावी रही। पहले हाफ में दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं, लेकिन दूसरे हाफ में मैक्सिको ने आक्रामक खेल दिखाया। 55वें मिनट में मातेओ चावेज ने शानदार गोल कर टीम का खाता खोला। इसके महज छह मिनट बाद जूलियन क्विनोनेस ने टूर्नामेंट का अपना दूसरा गोल दागते हुए बढ़त को दोगुना कर दिया। इंजरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी।
ग्रुप-बी के एक अन्य अहम मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने मेजबान कनाडा को 2-1 से हराकर समूह में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे हाफ की शुरुआत में रूबेन वर्गास ने गोल किया, जबकि 20 वर्षीय जोहान मंजांबी ने 57वें मिनट में टीम की बढ़त मजबूत कर दी। हालांकि हार के बावजूद कनाडा पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने में सफल रहा है, जहां उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।
सिएटल में खेले गए मुकाबले में बोस्निया-हर्जेगोविना ने कतर को 3-1 से हराकर अगले दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। 18 वर्षीय केरिम अलायबेगोविच विश्व कप इतिहास के सबसे युवा गोल स्कोररों में शामिल हो गए।
वहीं, 52 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद विश्व कप में लौटी हैती की टीम हार के बावजूद प्रशंसा बटोरने में सफल रही। मोरक्को के खिलाफ 4-2 से हारने के बावजूद हैती ने दो शानदार गोल दागकर अपने जुझारूपन का परिचय दिया। टीम के कोच सेबेस्टियन मिग्ने ने कहा कि खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि वे विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेलने के पूरी तरह हकदार हैं।