नई दिल्ली। भारतीय रेलवे हर दिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का काम करता है। लेकिन खराब मौसम, तकनीकी खराबी, परिचालन संबंधी दिक्कतों या अन्य अप्रत्याशित कारणों से कई बार ट्रेनों के संचालन में देरी हो जाती है। ऐसे में यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशन या ट्रेन में इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं का प्रावधान किया है।
रेलवे की कैटरिंग सेवाओं का संचालन करने वाली आईआरसीटीसी के नियमों के अनुसार, यदि राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनें निर्धारित समय से दो घंटे या उससे अधिक विलंब से चल रही हों, तो यात्रियों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस सुविधा का उद्देश्य लंबी देरी के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करना और उन्हें बेहतर यात्रा अनुभव देना है।
यात्रा के समय और देरी की अवधि के आधार पर यात्रियों को चाय, कॉफी, बिस्किट, ब्रेड-बटर जैसे हल्के नाश्ते उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यदि देरी भोजन के समय तक बनी रहती है, तो यात्रियों को लंच या डिनर भी परोसा जाता है। आमतौर पर भोजन में चावल, दाल, सब्जी, रोटी या पूरी जैसी पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल होती है। यह सुविधा मुख्य रूप से उन्हीं ट्रेनों में लागू होती है, जिनके टिकट किराए में भोजन पहले से शामिल होता है। ऐसे में यात्री जरूरत पड़ने पर ट्रेन स्टाफ, कैटरिंग कर्मियों या टीटीई से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा रेलवे ने लंबी देरी की स्थिति में टिकट रिफंड का भी प्रावधान किया है। यदि किसी ट्रेन के प्रस्थान में तीन घंटे या उससे अधिक की देरी होती है और यात्री यात्रा नहीं करना चाहते, तो वे टिकट रद्द कराकर पूरे किराए की वापसी पाने के पात्र हो सकते हैं। ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिफंड का दावा करना होता है, जबकि काउंटर टिकटधारकों को रेलवे के नियमों के अनुसार टिकट रद्द कराना पड़ता है।
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इसलिए यदि आप प्रीमियम ट्रेनों में सफर कर रहे हैं और ट्रेन निर्धारित समय से काफी देर से चल रही है, तो रेलवे की इन सुविधाओं का लाभ जरूर उठाएं।