रुद्रपुर में भारतीय जनता पार्टी 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने जा रही है। वर्ष 1975 में इसी दिन देश में लागू किए गए आपातकाल को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए भाजपा ने विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मानित करना और उस दौर की घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बताया जा रहा है।
भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम नगर निगम रुद्रपुर में संपन्न होगा, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट मुख्य रूप से शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल से संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं और दस्तावेजों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का आयोजन कर उन लोगों को श्रद्धांजलि और सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से आपातकाल के उस दौर को रेखांकित किया जाएगा, जब देश में नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की मूल भावना को बनाए रखने के लिए इतिहास के ऐसे अध्यायों को याद रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि ‘संविधान हत्या दिवस’ का आयोजन लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को सम्मान देने और लोगों को संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास है। इस आयोजन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।