हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर बुधवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। हरकी पैड़ी क्षेत्र में अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे गाजीवाली निवासी वीर सिंह, उनकी पत्नी मंजू और पांच वर्षीय पोते शिवा सिंह की कांगड़ी फ्लाईओवर पर खड़ी एक लावारिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से यह हादसा हुआ, उसने कुछ समय पहले ही एक अन्य वाहन को भी टक्कर मारी थी। हालांकि उस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर चालक कथित रूप से जिम्मेदारी से बचने के लिए वाहन को फ्लाईओवर पर ही आधी सड़क घेरकर छोड़कर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को पहले हादसे की सूचना मिल चुकी थी और टीम मौके की ओर रवाना भी हुई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दूसरा और अधिक भयावह हादसा हो गया।
अंधेरे में फ्लाईओवर पर बिना किसी चेतावनी संकेत के खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली वीर सिंह को दिखाई नहीं दी और उनकी स्कूटी सीधे ट्रॉली के पीछे बने लोहे के ढांचे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गंभीर रूप से घायल तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे और फ्लाईओवर पर लापरवाही से खड़े किए जाने वाले भारी वाहनों के खतरे को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बिना रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर या चेतावनी संकेत के खड़े वाहन चलती सड़क पर ‘मूविंग टाइम बम’ साबित हो रहे हैं।
पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही हादसे में दादा-दादी और मासूम पोते की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।