देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में 15 देशों के 84 विदेशी छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक सहयोग की भावना का प्रतीक बनकर उभरा।
बैच-2026 के विदेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस विशेष समारोह में जिम्बाब्वे दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन पीटर होबवानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अवसरों का सृजन करने, समाज को नई दिशा देने और दुनिया को बेहतर बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लेसोथो हाई कमीशन के चार्ज डी अफेयर्स मेत्सिंग एडियल लेम्फाने और युगांडा हाई कमीशन के एजुकेशन काउंसलर बेकर नांतुवुंडा बालुन्यवा भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से सांस्कृतिक विविधताओं को जोड़ने वाले सेतु बनने और वैश्विक नेटवर्क को भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी के रूप में संजोकर रखने का आह्वान किया।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और विश्व समुदाय के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी है। समारोह की शुरुआत पारंपरिक अकादमिक शोभायात्रा से हुई। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संस्थान की उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते योगदान की जानकारी दी।
दीक्षांत समारोह में दक्षिण सूडान, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, घाना, लाइबेरिया, तंजानिया, युगांडा, म्यांमार, नेपाल और जिम्बाब्वे समेत विभिन्न देशों के विद्यार्थियों को एमबीए, एमटेक, बीटेक, एमएससी, बीएससी, बीसीए, बीकॉम, बीए और होटल मैनेजमेंट सहित कई पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।