कतर के रास लफान गैस प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत के बाद कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत कर गहरा शोक व्यक्त किया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 13 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश भारतीय नागरिक थे। घटना के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद ने भारत-कतर संबंधों की निकटता को एक बार फिर उजागर किया है।
मंगलवार को हुई टेलीफोनिक बातचीत के दौरान कतर के अमीर ने हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में कतर सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से फोन कर शोक व्यक्त करने के लिए कतर के अमीर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और कतर के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं तथा संकट की इस घड़ी में दोनों देश एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने हादसे में मारे गए भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी प्रकट कीं।
सोमवार को रास लफान स्थित गैस संयंत्र में हुए विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। यह गैस प्लांट दुनिया के प्रमुख एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) उत्पादन केंद्रों में गिना जाता है। हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं।
भारतीय दूतावास कतर प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों की पहचान, उनके परिजनों से संपर्क और शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया में समन्वय कर रहा है। वहीं, कतर सरकार ने विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने विदेशों में कार्यरत भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।