नई दिल्ली। भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। देश की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल मनिका ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने के पीछे कोई स्पष्ट और तर्कसंगत कारण नहीं बताया गया।
आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 2026 एशियाई खेलों के लिए घोषित 10 सदस्यीय भारतीय टेबल टेनिस टीम में मनिका बत्रा को शामिल नहीं किया गया है। उन्हें केवल रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है। इस फैसले ने खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि मनिका लंबे समय से भारत की सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में गिनी जाती रही हैं।
मनिका ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि टीम में चयन नहीं होने से वह बेहद आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। उनके मुताबिक, चयन के लिए अपनाए गए मानदंडों में भी असंगति दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार उनके मामले में अलग पैमाने अपनाए गए, जबकि पिछले एशियाई खेलों के चयन के दौरान अन्य मानदंडों को महत्व दिया गया था।
ओलंपियन खिलाड़ी ने कहा कि यदि वही नियम और मानदंड लागू किए जाते, जो पिछली चयन प्रक्रिया में अपनाए गए थे, तो संभवतः परिणाम अलग होते। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया को समझने और उस पर भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
मनिका बत्रा ने केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया कि चयन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में सभी खिलाड़ियों के लिए नियम निष्पक्ष, स्पष्ट और समान रूप से लागू किए जाएं।
मनिका बत्रा भारत की सबसे सफल टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को कई महत्वपूर्ण पदक दिला चुकी हैं। ऐसे में उनका टीम से बाहर होना भारतीय खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।