ऋषिकेश। रोमांच और एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। विश्व प्रसिद्ध ऋषिकेश गंगा रिवर राफ्टिंग आगामी 30 जून से मानसून सीजन के चलते पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। प्रशासन ने गंगा के बढ़ते जलस्तर और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही क्याकिंग समेत सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लग जाएगी।
राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने बताया कि मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और नदी का बहाव अत्यधिक तेज एवं अनियंत्रित हो जाता है। ऐसे में राफ्टिंग, क्याकिंग और अन्य जल क्रीड़ा गतिविधियों का संचालन जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी कारण हर वर्ष मानसून के दौरान इन गतिविधियों को सुरक्षा कारणों से बंद किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश का मौसम समाप्त होने और गंगा के बहाव के सामान्य स्तर पर लौटने के बाद ही राफ्टिंग को दोबारा शुरू किया जाएगा।
राफ्टिंग सीजन समाप्त होने के नजदीक आते ही ऋषिकेश में पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जून के पहले पखवाड़े तक प्रतिदिन 4,500 से अधिक पर्यटक गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच लेने पहुंच रहे थे, लेकिन वर्तमान में यह संख्या घटकर 1,200 से 1,600 के बीच रह गई है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान राफ्टिंग बंद रहने से स्थानीय व्यवसायों पर भी असर पड़ता है, हालांकि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यदि कोई पर्यटक इस सीजन में गंगा राफ्टिंग का अनुभव लेना चाहता है, तो उसके पास अब केवल 10 दिनों का समय शेष है। 30 जून के बाद गंगा की उफनती धाराओं में राफ्टिंग का रोमांच लेने के लिए सैलानियों को सितंबर या अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और अधिकृत संचालकों के माध्यम से ही साहसिक गतिविधियों में भाग लें।