देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित गृहमंत्री अमित शाह के सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किए जा रहे एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बनबसा, उससे जुड़ी एप्रोच रोड परियोजना तथा बनबसा-महेंद्रनगर के बीच प्रस्तावित ट्राइपॉड परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
भेंट के दौरान सतपाल महाराज ने गृहमंत्री को उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक “Ambles Across Godland” भेंट की। इस पुस्तक में राज्य सरकार द्वारा अनुपयोगी पुलों का पुनर्विकास कर उन पर कैफेटेरिया स्थापित करने जैसी अभिनव पहलों का उल्लेख किया गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यटन संवर्धन की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया।
कैबिनेट मंत्री ने गृहमंत्री को अवगत कराया कि बनबसा में विकसित किए जा रहे एकीकृत चेक पोस्ट को जोड़ने वाली एप्रोच रोड का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इससे परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए केवल 10 टन भार क्षमता वाला एक पुल उपलब्ध है, जिसके कारण भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के परिवहन में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।
सतपाल महाराज ने इस संबंध में गृहमंत्री को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें एप्रोच रोड निर्माण कार्य में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है। उनका कहना था कि आईसीपी बनबसा भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इससे जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान बनबसा और नेपाल के महेंद्रनगर के बीच प्रस्तावित ट्राइपॉड परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क सुविधाओं, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।