संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी ईरानी गायिका परस्तू अहमदी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके किसी नए गीत या मंचीय प्रस्तुति को लेकर नहीं, बल्कि ईरान की अदालत द्वारा सुनाई गई सख्त सजा को लेकर हो रही है। अदालत ने परस्तू अहमदी को 74 कोड़ों की सजा, दो साल के यात्रा प्रतिबंध और दो वर्षों तक किसी भी कलात्मक गतिविधि में भाग लेने पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई उस ऑनलाइन कॉन्सर्ट के संबंध में की गई है, जिसमें परस्तू अहमदी बिना हिजाब के दिखाई दी थीं। ईरान में महिलाओं के पहनावे और सार्वजनिक प्रस्तुति को लेकर सख्त नियम लागू हैं, और इन्हीं नियमों के उल्लंघन के आरोप में उनके खिलाफ यह फैसला सुनाया गया है।
परस्तू अहमदी पहले भी कई बार ईरानी प्रशासन की नीतियों के विरोध को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने ऐसे कई कदम उठाए थे, जिन्हें सरकार की सामाजिक और सांस्कृतिक पाबंदियों को खुली चुनौती के रूप में देखा गया था। महिलाओं की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर वह लगातार मुखर रही हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि परस्तू उन कलाकारों में शामिल हैं, जो अपने विचारों को खुलकर रखने का साहस दिखाती हैं।
दूसरी ओर, आलोचकों का मानना है कि ईरान के कानूनों का पालन सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य है और अदालत का फैसला मौजूदा कानूनी व्यवस्था के अनुरूप लिया गया है। हालांकि, इस मामले ने वैश्विक स्तर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, महिलाओं के अधिकार और सांस्कृतिक प्रतिबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
परस्तू अहमदी को मिली सजा की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। मानवाधिकार संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर चिंता जताई है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में आगे कोई कानूनी राहत मिलती है या यह विवाद अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचेगा।