नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना हो गए। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी सातवीं फ्रांस यात्रा है। इस दौरे को भारत की वैश्विक कूटनीति, नवाचार सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी 13 और 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे। यहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे।
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया पहुंचेंगे, जहां वह 15 जून तक विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से होगी। खास बात यह है कि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जिससे दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 जून को फ्रांस के एवियन शहर पहुंचेंगे, जहां 17 जून को आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नई वैश्विक साझेदारियों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई विश्व नेताओं से मुलाकात हो सकती है, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि जी7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं—अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी—का समूह है। प्रधानमंत्री मोदी 2019 से लगातार जी7 शिखर सम्मेलनों में भाग लेते रहे हैं।
वहीं ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम भारत और फ्रांस के बीच नवाचार सहयोग को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स, आईआईटी, आईआईएससी और शोध संस्थानों को वैश्विक निवेशकों और अनुसंधान संगठनों से जोड़ना है।