रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) पर तीन दिवसीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 9 जून 2026 से शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को एमएमडीआर अधिनियम में हुए हालिया संशोधनों की जानकारी देना तथा नियामकीय प्रावधानों की गहन समझ विकसित करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक, विभागाध्यक्ष (सुरक्षा) मेजर मनीष राज तथा अतिथि संकाय के रूप में आईपीएस (सेवानिवृत्त) विपुल शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, स्टाफ ऑफिसर (एचआर), स्टाफ ऑफिसर (माइनिंग), परियोजना पदाधिकारी, खान प्रबंधक एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में कुल 40 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते नियामकीय परिदृश्य में अधिकारियों का अद्यतन ज्ञान संगठन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने एमएमडीआर अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इस अधिनियम की सही समझ जरूरी है।
वहीं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए एचआरडी विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रति जागरूकता बढ़ाना संगठनात्मक हितों की रक्षा और विधिसम्मत खनन संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एमएमडीआर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, हालिया संशोधनों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे सीसीएल में अनुपालन संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।