Dayara Bugyal Uttarkashi: खामोश पहाड़, गहराता रहस्य ; बबीता की तलाश में 7 एजेंसियां नाकाम
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महेंद्र रावत
उत्तरकाशी। प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पाण्डे का 10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस संवेदनशील मामले में अब एक बड़े फर्जीवाड़ा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पर्यटन विभाग की जांच में सामने आया है कि ट्रेकिंग एजेंसी ‘ब्रो माउंटेन्स’ ने एक पुराने एक्सपायर्ड परमिट पर एडिटिंग कर बबीता और उसके साथियों के नाम दर्ज किए थे। इस जालसाजी के सामने आने के बाद विभाग ने ट्रेकिंग एजेंसी का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया है।
इधर, बबीता के भाई की तहरीर पर मनेरी कोतवाली में उसके दो दोस्तों (हरमनप्रीत और हरमनपाल) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है। परिजनों ने आशंका जताई है कि बबीता के साथ कोई अनहोनी या साजिश हुई है, क्योंकि वह पहले भी कई सफल ट्रेक कर चुकी है।
खोज अभियान को अब दयारा बुग्याल से आगे बढ़ाकर डोडीताल ट्रेक तक फैला दिया गया है। एसपी कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, निम , आईटीबीपी, सेना और वन विभाग सहित 7 एजेंसियों के करीब 150 से अधिक जवान ड्रोन, स्निफर डॉग और हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कर जंगलों और खाइयों को खंगाल रहे हैं। एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम ने गोई बेस कैंप के पास की झीलों और दलदली इलाकों की भी जांच की है, लेकिन अब तक पहाड़ बबीता की गुमशुदगी पर खामोश हैं।