जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ने क्यों पकड़ी रफ्तार?

 नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शन में हजारों की संख्या में छात्र, युवा और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से सीधे दिल्ली पहुंचे। सुबह करीब 7:45 बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। एयरपोर्ट से बाहर निकलने में उन्हें लगभग एक घंटे का समय लगा। हालांकि देरी के कारणों की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। एयरपोर्ट से बाहर आते समय अभिजीत दीपके के हाथ में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़ी पुस्तक दिखाई दी, जिसे उन्होंने अपने आंदोलन का प्रतीक भी बताया।

जंतर-मंतर पर आयोजित यह सीजेपी का पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन नीट-यूजी पेपर लीक, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी-जीडी जैसी परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है।

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समर्थकों से शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाने की अपील की। उन्होंने लोगों से तिरंगा और डॉ. आंबेडकर से संबंधित पुस्तक साथ लाने का आग्रह किया। साथ ही प्रदर्शन में तैनात पुलिसकर्मियों को फूल भेंट कर सम्मान देने की भी अपील की।

इससे पहले कुछ रिपोर्टों में आशंका जताई गई थी कि दिल्ली पहुंचने पर अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया जा सकता है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और वे सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट से निकलकर सीधे आंदोलन स्थल की ओर रवाना हुए।

उधर, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर युवाओं की भीड़ लगातार बढ़ती नजर आई। आंदोलन को लेकर राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

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