मुंबई। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन और महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी से जुड़ा एक दिलचस्प और भावुक किस्सा आज भी फिल्मी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह प्रसंग वर्ष 1979 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म नसीब के लोकप्रिय गीत ‘चल चल मेरे भाई, तेरे हाथ जोड़ता हूं’ की रिकॉर्डिंग से जुड़ा है, जिसे अमिताभ बच्चन और मोहम्मद रफी ने मिलकर गाया था।
बताया जाता है कि फिल्म के संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने अमिताभ बच्चन को जानकारी दी थी कि अगले दिन उन्हें रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचना है, जहां उनका गीत मोहम्मद रफी के साथ रिकॉर्ड किया जाएगा। यह सुनते ही अमिताभ बेहद उत्साहित हो गए, लेकिन साथ ही उनके मन में एक अलग तरह की घबराहट भी थी।
अमिताभ बचपन से ही मोहम्मद रफी के प्रशंसक रहे थे। ऐसे में अपने आदर्श गायक के साथ गाने का मौका उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। कहा जाता है कि इसी उत्साह और भावुकता के कारण वह पूरी रात ठीक से सो नहीं पाए। उनके मन में लगातार यही विचार चलता रहा कि जिनकी आवाज सुनकर उन्होंने अपना बचपन बिताया, अब उन्हीं के साथ उन्हें गाना रिकॉर्ड करना है।
अगले दिन रिकॉर्डिंग स्टूडियो में अमिताभ सामान्य से अधिक शांत और गंभीर नजर आए। उनकी झिझक को देखकर मोहम्मद रफी खुद उनके पास पहुंचे और कारण पूछा। अमिताभ ने बड़े सम्मान के साथ बताया कि वह बचपन से उनके गीत सुनते आए हैं और उनके साथ गाना गाने को लेकर बेहद भावुक हैं।
अमिताभ की बात सुनकर रफी साहब मुस्कुराए और उन्होंने उन्हें सहज रहने तथा आत्मविश्वास के साथ गाने की सलाह दी। उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार ने अमिताभ का आत्मविश्वास बढ़ाया और रिकॉर्डिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई। बाद में यह गीत दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।
फिल्म नसीब में इस गीत को अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर पर फिल्माया गया था। दोनों कलाकारों की स्वाभाविक अदाकारी और शानदार तालमेल ने इस गाने को और भी यादगार बना दिया। आज भी यह गीत और उससे जुड़ा यह किस्सा हिंदी सिनेमा के सुनहरे पलों में गिना जाता है।