रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मंगलवार को रांची स्थित झामुमो के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह बात कही।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हाल के वर्षों में नीट सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उनका आरोप था कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में विफल रही हैं, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सामने आए विवादों ने पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
झामुमो प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है, जबकि निजी संस्थानों को बढ़ावा देने की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और पारदर्शिता की जरूरत है।
शिक्षा बजट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार को शिक्षा पर खर्च बढ़ाना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नामों पर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं ट्रेजरी मामले में भाजपा के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।