वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के संबंधों को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापक शांति समझौता अगले सप्ताह तक अंतिम रूप ले सकता है। यदि ऐसा होता है तो क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताएं निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुछ शेष मुद्दों के समाधान के बाद समझौते पर सहमति बन सकती है। ट्रंप के अनुसार समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति सुचारु होने की संभावना बढ़ेगी।
हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि क्षेत्र में जारी कुछ घटनाक्रम अभी भी वार्ता प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। विशेष रूप से लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई और उससे उपजे तनाव को प्रमुख चुनौती माना जा रहा है। ईरान ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है, जिससे बातचीत में कुछ जटिलताएं पैदा हुई हैं।
ट्रंप ने बताया कि क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए उन्होंने इजरायल और हिज्बुल्लाह से जुड़े पक्षों के साथ सीधे संवाद किया है। उनका कहना है कि संघर्ष को सीमित करने और शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर कूटनीतिक पहल की जा रही है। इसी दिशा में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी लेबनान और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण वार्ताएं की हैं।
सूत्रों के अनुसार युद्धविराम, सैनिकों की वापसी और दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैन्य एवं राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में एक और महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है, जिसमें कई लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता सफल होता है तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा, वैश्विक तेल बाजार स्थिर होंगे और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी।