रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बार फिर अपने औचक निरीक्षण को लेकर चर्चा में हैं। राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था और आम जनता की समस्याओं का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री बिना किसी पूर्व सूचना के शहर की सड़कों पर निकल पड़े। उनके अचानक निरीक्षण से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, हेमंत सोरेन लगातार जमीनी स्तर पर जाकर सरकारी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले भी दिसंबर 2025 और अप्रैल 2026 में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का अचानक निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार शाम मुख्यमंत्री अपने कांके रोड स्थित आवास से निकलकर राजधानी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करने पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रांची के सबसे व्यस्त यातायात केंद्रों में से एक कांटाटोली चौक पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। सड़क किनारे अवैध पार्किंग, यातायात की अव्यवस्था और लोगों को हो रही परेशानियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद यातायात पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने अधिकारियों को ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री के निरीक्षण की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों और अधिकारियों में सक्रियता बढ़ गई।
मुख्यमंत्री के दौरे के अगले ही दिन सोमवार को राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन मैदान में उतर गया। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन और पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह ने शहर के प्रमुख इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक से लेकर अंजुमन प्लाजा तक यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सड़क अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े करने वालों, फुटपाथों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और अन्य नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पैदल यात्रियों के लिए निर्धारित स्थानों पर खड़े वाहनों को हटाया गया तथा पार्किंग स्टैंड में वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात अधिकारियों और जवानों को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि यातायात संचालन को और बेहतर बनाया जाए तथा आम जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन का कहना है कि राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।