रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन ही जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के निर्देश पर पार्टी ने पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को सक्रिय करने की व्यापक योजना तैयार की है। इसी कड़ी में पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडेय राज्यव्यापी संगठनात्मक दौरे पर निकल चुके हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दो जून को चाईबासा, तीन जून को पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां तथा चार जून को सिमडेगा में महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में जिला, प्रखंड और बूथ स्तर के पदाधिकारी सहित बीएलए भी शामिल होंगे।
विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो का उद्देश्य राज्य के हर बूथ तक पहुंच बनाना और लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए खनिज संपदा में राज्य की हिस्सेदारी, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि जनता से सीधा संवाद और मजबूत संगठनात्मक ढांचा ही भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का सबसे प्रभावी जवाब है।
बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची सत्यापन और जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार और जनसंपर्क को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।