देहरादून में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नागरिकों से घबराने या अनावश्यक ईंधन संग्रह करने से बचने की अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने कहा कि जनपद में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदने का आग्रह किया।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में आम जनता को पेट्रोल और डीजल की कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने जानकारी दी कि देहरादून जनपद में कुल 167 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) के 72, भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के 34, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के 41, नायरा के 10 और रिलायंस के 10 पेट्रोल पंप शामिल हैं। सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
के.के. अग्रवाल के अनुसार, 29 मई 2026 तक जिले में 2526 किलोलीटर पेट्रोल और 2074 किलोलीटर डीजल का भंडार उपलब्ध है, जो वर्तमान मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कहीं से भी ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की कोई सूचना नहीं मिली है और नियमित आपूर्ति लगातार जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रतिदिन ईंधन भंडारण और आपूर्ति की समीक्षा कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी ने पुनः अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। ऐसे में किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहे।