भोपाल में पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और सीबीआई की कार्रवाई ने नया मोड़ ला दिया है। हाईकोर्ट ने मृतका की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। वहीं, भोपाल की विशेष अदालत ने ट्विशा के पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वेकेशन जज देवनारायण मिश्रा ने मामले की सुनवाई के बाद 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और लगाए गए आरोपों को देखते हुए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती। इसी के साथ 15 मई 2026 को निचली अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया गया।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। उन पर दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट के फैसले को न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण कर सहयोग करना चाहिए।
गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। मायके पक्ष ने पति और सास पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है।
समर्थ सिंह की कस्टडी मिलने के बाद सीबीआई टीम उन्हें लेकर कटारा हिल्स स्थित घर पहुंची, जहां घटनास्थल का निरीक्षण कर डिजिटल और अन्य अहम साक्ष्य जुटाए गए। एजेंसी अब मामले की हर कड़ी की गहन जांच में जुटी हुई है।