नई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हाई ब्लड प्रेशर यानी Hypertension को लेकर गंभीर चिंता जताई है। World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 70 वर्ष से कम उम्र में होने वाली समय से पहले मौतों के प्रमुख कारणों में हाइपरटेंशन भी शामिल है। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान, फास्ट फूड, ज्यादा नमक का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक लगातार बढ़ा रहता है तो इसका सीधा असर शरीर की रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है। इससे दिल को शरीर में खून पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धीरे-धीरे हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है और कई मामलों में किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। कई लोगों को तब पता चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। यही कारण है कि इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोगों को नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए। घर पर क्लिनिकली वैलिडेटेड बीपी मॉनिटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 एमएमएचजी या उससे अधिक रहता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, कम नमक का सेवन, वजन नियंत्रण और तनाव प्रबंधन को हाई ब्लड प्रेशर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।