दून विश्वविद्यालय में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को लेकर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड में एकीकृत अवसंरचना नियोजन, लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट (CoE-LSCM) और Center for Public Policy and Good Governance द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसमें उत्तराखंड सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान सतत विकास और आधुनिक अवसंरचना निर्माण के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि तकनीक आधारित और एकीकृत योजना प्रणाली से विकास परियोजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि यह पहल विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद कर रही है।
पहले तकनीकी सत्र में डॉ. मनोज पंत ने पीएम गति शक्ति पोर्टल की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल अलग-अलग विभागों के डेटा को एक मंच पर उपलब्ध कराकर परियोजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाता है।
दूसरे सत्र में डॉ. सुधांशु जोशी और ऐश्वर्या अवनीश ने लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन प्रबंधन में पीएम गति शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एकीकृत लॉजिस्टिक्स प्रणाली से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों ने माना कि सतत लॉजिस्टिक्स और अवसंरचना विकास के लिए अंतरविभागीय समन्वय बेहद जरूरी है, जिससे राज्य में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।