लंदन में भगवान भगवान जगन्नाथ की 57वीं ऐतिहासिक रथ यात्रा इस वर्ष भी बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली गई। इस भव्य आयोजन में हजारों प्रवासी भारतीयों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक भारतीय वेशभूषा के बीच निकली यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के सजे-धजे रथों को खींचकर पूजा-अर्चना की। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां भारतीय नृत्य, संगीत और भक्ति प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। विदेशी नागरिक भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से प्रभावित नजर आए।
इस ऐतिहासिक आयोजन का संचालन इस्कॉन संस्था द्वारा किया गया। संस्था पिछले 57 वर्षों से लगातार लंदन में इस रथ यात्रा का आयोजन करती आ रही है। समय के साथ यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का वैश्विक प्रतीक बन गया है।
रथ यात्रा में शामिल लोगों ने “जय जगन्नाथ” के जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि विदेश में रहकर भी इस तरह के आयोजनों से उन्हें भारतीय संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।
हर साल की तरह इस बार भी यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उमड़े। रंग-बिरंगे रथ, पारंपरिक संगीत और भक्ति से भरे माहौल ने लंदन की सड़कों को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।