गंगा दशहरा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हरिद्वार-ऋषिकेश में 22 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

हरिद्वार/ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। Ganga Dussehra के अवसर पर हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाट श्रद्धालुओं से पूरी तरह पट गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार शाम चार बजे तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर चुके थे।

सबसे अधिक भीड़ Har Ki Pauri और हरिद्वार के अन्य प्रमुख घाटों पर देखने को मिली, जहां करीब 18 लाख श्रद्धालुओं ने “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष के साथ आस्था की डुबकी लगाई। वहीं Triveni Ghat पर भी लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। धार्मिक विद्वानों का मानना है कि इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों का नाश होता है। यही कारण रहा कि भीषण गर्मी, उमस और चिलचिलाती धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

महास्नान के चलते हरिद्वार और ऋषिकेश की सड़कें सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से भर गईं। हाईवे से लेकर शहर के आंतरिक मार्गों तक लंबा जाम लगा रहा और वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

हर-की-पैड़ी, सुभाष घाट, मालवीय घाट और त्रिवेणी घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण के लिए लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी रही।

गंगा दशहरा के इस विशाल आयोजन ने एक बार फिर उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया है। साथ ही धार्मिक पर्यटन के चलते स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिला है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या ने देवभूमि में आस्था का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया।

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