मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अब नए कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक कारकों पर टिकी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह अमेरिकी और ईरानी घटनाक्रम, औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और बड़ी कंपनियों के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
पिछले सप्ताह बाजार में लगातार अस्थिरता बनी रही। कभी सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिली तो अगले ही दिन बिकवाली का दबाव हावी हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर सामने आ रहे विरोधाभासी बयान रहे। इन खबरों ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया और इसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया।
इस सप्ताह भी निवेशकों की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी। यदि अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव बढ़ता है तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। वहीं किसी सकारात्मक संकेत से बाजार को राहत मिल सकती है।
घरेलू स्तर पर अप्रैल महीने के औद्योगिक उत्पादन यानी IIP के आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास की स्थिति को दर्शाएंगे। यदि आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है, जबकि कमजोर आंकड़े निवेशकों की चिंता बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा ONGC और IndiGo जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी बाजार की नजर रहेगी। इन कंपनियों के प्रदर्शन का असर संबंधित सेक्टरों के साथ-साथ पूरे बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
बाजार जानकारों का कहना है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और कई लोग गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं। हालांकि उन्होंने सलाह दी है कि इस सप्ताह निवेश बेहद सोच-समझकर और चुनिंदा शेयरों में ही किया जाए, क्योंकि बाजार अभी भी वैश्विक खबरों के प्रति काफी संवेदनशील बना हुआ है।