नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पवित्र धरती पर महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी मिसाल है, जो आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह सीख देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की समृद्ध परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना और जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उधम सिंह नगर में अटल आवास योजना के तहत करोड़ों रुपये की सहायता दी गई है। वहीं खटीमा और बाजपुर में छात्रावास तथा विद्यालय निर्माण के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वरोजगार योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।