Haiti की राजधानी Port-au-Prince एक बार फिर भीषण हिंसा और गैंगवार की आग में जल रही है। शहर के बाहरी इलाकों, खासकर सिटी सोलेय और क्रोआ-दे-बुके में पिछले कई दिनों से जारी संघर्ष ने भयावह रूप ले लिया है। गैंगों के बीच चल रही खूनी लड़ाई में अब तक कम से कम 78 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 66 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में आम नागरिक भी शामिल हैं। इनमें महिलाएं और एक छोटी बच्ची की मौत ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। राजधानी के कई हिस्सों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार हो रही गोलीबारी और हिंसा के कारण लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सिटी सोलेय और क्रोआ-दे-बुके जैसे इलाकों में पिछले दो वर्षों से आपराधिक गिरोहों का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। इन गिरोहों ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लगभग चुनौती दे दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि आम लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
हिंसा के चलते अब तक करीब 5300 लोग विस्थापित हो चुके हैं। हजारों परिवार सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। राजधानी के कई इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है और राहत शिविरों में भीड़ बढ़ती जा रही है। भोजन, दवाइयों और जरूरी सुविधाओं की कमी से मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार एजेंसियों ने हैती की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं। लगातार बढ़ती हिंसा ने देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।