सड़क किनारे प्रसव मामले में महिला आयोग सख्त, अस्पताल पहुंचीं अध्यक्ष कुसुम कंडवाल

Rishikesh के तपोवन क्षेत्र में सड़क किनारे एक महिला द्वारा बच्ची को जन्म देने की संवेदनशील घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए Uttarakhand State Commission for Women की अध्यक्ष Kusum Kandwal ने तुरंत राजकीय चिकित्सालय पहुंचकर जच्चा-बच्चा की स्थिति का जायजा लिया।

अस्पताल में उन्होंने डॉक्टरों को प्रसूता महिला और नवजात बच्ची का समुचित एवं निशुल्क उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान Child Welfare Committee के अध्यक्ष ऋषि कंडवाल भी मौजूद रहे।

पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह मूल रूप से Jalandhar की रहने वाली है। माता-पिता के निधन के बाद वह ऋषिकेश में एक कैफे में काम कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ संबंध बनने के बाद उसने बच्ची को जन्म दिया।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता के कारण महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि नवजात बच्ची को फिलहाल बाल कल्याण समिति की सुरक्षित कस्टडी में रखा जाए। साथ ही, महिला के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए नारी निकेतन भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। कुसुम कंडवाल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता एवं सुरक्षा मिलना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि महिला आयोग पीड़ित महिला को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की संवेदनशीलता के साथ निगरानी की जाएगी।

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