मुंबई। वैश्विक बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारतीय रुपये में मंगलवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, लेकिन बाद में हल्की रिकवरी करते हुए अंत में 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव का असर करेंसी मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। अस्थिर माहौल के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बढ़ रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.30 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार में ही 20 पैसे गिरकर 95.43 तक पहुंच गया, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले सोमवार को भी रुपया 39 पैसे टूटकर 95.23 पर बंद हुआ था।
हालांकि, दिन के आगे बढ़ने के साथ कुछ सुधार देखने को मिला और रुपया नुकसान की भरपाई करते हुए अंत में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ हो।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी जारी है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.51 पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा फिलहाल डॉलर पर बना हुआ है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी।