मसूरी के ट्रैफिक जाम पर हाईकोर्ट की सख्ती, दो हफ्ते में बनेगी हाई पावर कमेटी

नैनीताल। मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग की समस्या पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे दो सप्ताह के भीतर एक हाई पावर कमेटी का गठन करें। इस कमेटी में सचिव शहरी विकास, सचिव पर्यटन और सचिव गृह को शामिल किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह कमेटी जाम की समस्या की विस्तृत जांच कर आठ सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि समाधान तैयार होने के बाद उस पर जनसुनवाई आयोजित की जाए और इसके लिए सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया जाए।

खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जनसुनवाई में याचिकाकर्ता के साथ स्थानीय डॉक्टर, शिक्षक, होटल एसोसिएशन के सदस्य, छात्र और अन्य नागरिकों को शामिल किया जाए। इस बैठक में लिए गए निर्णय को राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिस पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

यह जनहित याचिका मसूरी निवासी प्रवेश पंत द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मसूरी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। लेकिन लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम के कारण शहर की छवि प्रभावित हो रही है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

याचिका में बताया गया कि जाम के कारण एंबुलेंस, स्कूल वाहन और नौकरीपेशा लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। जाम का मुख्य कारण बिना पार्किंग सुविधा वाले होटल और होमस्टे हैं, जिनके वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसके अलावा नगर पालिका द्वारा सड़कों पर पार्किंग संचालन भी स्थिति को और गंभीर बना रहा है।

शहर के कई प्रमुख मार्ग जैसे पिक्चर पैलेस, लाइब्रेरी चौक, मॉल रोड और कैमल्स बैक रोड पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि मल्टी स्टोरी पार्किंग खाली होने के बावजूद लोग सड़कों पर ही वाहन खड़े कर देते हैं।

कोर्ट के इस सख्त रुख से अब मसूरी में ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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