नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग पहुंचा, जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। भाजपा ने चार पन्नों के ज्ञापन में आरोप लगाया है कि दोनों नेताओं के बयान चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, अर्जुन मेघवाल और पार्टी महासचिव अरुण सिंह शामिल थे। नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने अपनी चुनावी रैलियों में केंद्रीय बलों को लेकर भ्रामक और विवादित बयान दिए हैं।
शिकायत के अनुसार, एक रैली में ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कहा कि “सीआरपीएफ की 200 गाड़ियां लोगों पर हमला करने आ रही हैं।” वहीं, एक अन्य सभा में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीआरपीएफ की गाड़ियों के जरिए पैसे लाए जा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि ऐसे बयान केंद्रीय सुरक्षा बलों की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और जनता के बीच डर व भ्रम फैलाते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान अरुण सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी के बयान से सीआरपीएफ जवानों के खिलाफ हिंसा भड़कने की आशंका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसक बयान दिए हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और चुनाव के दौरान उनके भाषणों पर रोक लगाने जैसे सख्त कदम उठाए जाएं। फिलहाल, इस शिकायत पर आयोग के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।