नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में हालिया सीजफायर का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय भारत और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने कहा है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और कहीं भी कमी की आशंका नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की तेल रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। 23 मार्च से अब तक करीब 8.9 लाख छोटे गैस सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जबकि पिछले पांच दिनों में 1,600 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए और हजारों उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाई गई।
उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और उर्वरक संयंत्रों को लगभग 95 प्रतिशत गैस आपूर्ति मिल रही है। सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों को एलपीजी पूल में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, राज्यों को भी आवश्यक सुधार लागू करने के लिए कहा गया है, जिससे कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति आसान हो सके।
इस बीच, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी सुचारू रूप से जारी है। मार्च से अब तक लगभग 3.87 लाख पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं और 17,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
वहीं, रणधीर जायसवाल ने ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र में शांति की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को स्थिरता मिलेगी।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, देश में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और कोयला आधारित बिजली उत्पादन देश की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 70 प्रतिशत पूरा कर रहा है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और संतुलित बनी हुई है।