देहरादून में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, स्वास्थ्य सेवाओं में AI और नैतिकता पर मंथन

देहरादून। उत्तरांचल कॉलेज ऑफ हेल्थ साइंसेज  (यूसीएचएस) ने  इंडियन सोसाइटी ऑफ रेडियोग्राफर्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स  के उत्तराखंड चैप्टर के सहयोग से 14 और 15 मार्च 2026 को “सतत स्वास्थ्य: संबद्ध स्वास्थ्य में बुद्धिमान प्रौद्योगिकियां, चुनौतियां, अवसर और नैतिकता” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन **उत्तरांचल विश्वविद्यालय** के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी , मुख्य अतिथि अतिरिक्त आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा उत्तराखंड राज्य औषधि नियंत्रक  ताजवीर सिंह  और विशिष्ट अतिथि एस.सी. बंसल  द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. धर्म बुद्धि, आईएसआरटी अध्यक्ष महेंद्र भंडारी, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. राजेश बहुगुणा और यूसीएचएस के निदेशक डॉ. कार्तिकेय गौर भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए डॉ. कार्तिकेय गौर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच सतत और नैतिक स्वास्थ्य प्रणालियों की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आधुनिक तकनीकों और नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और छात्रों सहित लगभग 1414 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान में उभरते रुझानों, तकनीकी प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिरता और चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक चुनौतियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन के दौरान कई शोध पत्र भी प्रस्तुत किए गए। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत निदान तकनीक, रेडियोलॉजी और इमेजिंग विज्ञान में नवाचार तथा संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं में नैतिक पहलुओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध, नवाचार और अंतरविषयक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ और सतत एवं नैतिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

 

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