भराड़ीसैंण। Uttarakhand Legislative Assembly के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई विषयों पर तीखी बहस देखने को मिली।
स्वास्थ्य मंत्री Dhan Singh Rawat ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में गोल्डन कार्ड योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज की सुविधा मिल रही है और इस योजना पर अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 11,823 मरीजों का उपचार इस योजना के तहत कराया गया, जिस पर लगभग 275 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 50 हजार से अधिक मरीज इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी मिलाकर 310 से अधिक अस्पतालों में इस योजना के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री के अनुसार स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 31 अगस्त 2025 तक चिकित्सा दावों के सापेक्ष 301.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। हालांकि अभी भी लगभग 180 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है। इसके अलावा करीब 37 हजार दावों से संबंधित 68 करोड़ रुपये लंबित हैं। भुगतान प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए सरकार ने प्राधिकरण को 37 करोड़ और 75 करोड़ रुपये ऋण के रूप में उपलब्ध कराए हैं।
हर्रावाला कैंसर अस्पताल का निर्माण लगभग पूरा
देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में बन रहे राजकीय मैटरनिटी एवं कैंसर चिकित्सालय का निर्माण लगभग 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर अब तक करीब 125 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अस्पताल भवन की गुणवत्ता जांच और औपचारिक हस्तांतरण के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
सरकार कैंसर के उन्नत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस अस्पताल को पीपीपी मोड में संचालित करने सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। इसके लिए Tata Memorial Centre जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी बातचीत की जा रही है।
खाद्य मिलावट के मामलों में कार्रवाई
सदन में खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 तक राज्य में 3,311 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 330 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। देहरादून में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कार्य जारी है और इसे 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भूकंप संवेदनशील राज्य में निर्माण पर विशेष सतर्कता
कांग्रेस विधायक Qazi Nizamuddin के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और यह जोन-4 तथा जोन-5 में आता है। इसलिए भवन निर्माण में भूकंपरोधी मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
संस्कृत विद्यालयों में सीमित कंप्यूटर शिक्षा
विधानसभा में विधायक Mahesh Jeena के प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि प्रदेश में कुल 110 संस्कृत विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 6 राजकीय, 77 अशासकीय और 27 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इनमें से केवल 37 विद्यालयों में ही कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में 820 पद रिक्त
विधायक Brij Bhushan Gairola के प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवक्ता के 1834 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 1283 भरे हुए हैं जबकि 551 पद खाली हैं। वहीं एलटी श्रेणी के 1715 पदों में से 1446 पर शिक्षक कार्यरत हैं और 269 पद रिक्त हैं। इस प्रकार कुल 820 पद खाली हैं।
छात्रवृत्ति योजनाओं से हजारों छात्रों को लाभ
विधायक Suresh Gadiya के प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग की पांच प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 21,743 छात्र-छात्राओं को 17.67 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड और एमआरआई सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 90 अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित हैं, जिनमें से 82 कार्यरत हैं जबकि 8 अक्रियाशील हैं। इसके अलावा दो एमआरआई मशीनें उप जिला चिकित्सालय कोटद्वार और मेला चिकित्सालय हरिद्वार में स्थापित की गई हैं।
सरकारी स्कूलों का क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया
कांग्रेस विधायक Sumit Hridayesh के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि National Education Policy 2020 के तहत प्रदेश में सरकारी स्कूलों का क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल माध्यमिक स्तर पर किसी विद्यालय का विलय नहीं किया गया है, जबकि प्राथमिक स्तर पर जनपद उत्तरकाशी में 9 विद्यालयों का विलय किया जा चुका है।