रुड़की। नगर निगम रुड़की में सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहन चालकों ने थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से भर्ती किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के धरने पर बैठने के बाद नगर निगम प्रशासन स्थिति को संभालने और समाधान निकालने के लिए लगातार वार्ता का प्रयास कर रहा है।
यह धरना Devbhoomi Nikay Sanyukt Karmachari Mahasangh (भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड) के बैनर तले शुरू किया गया है। कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर आयुक्त और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।
कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में कई वर्षों से कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहन चालकों को नियमित किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि नगर निगम प्रशासन उन्हें नियमित करने के बजाय थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से काम कराने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 3 मार्च 2025 को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में स्वच्छता समिति और आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कूड़ा वाहन चालकों को स्थायी करने तथा उन्हें लगभग 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बावजूद अब कर्मचारियों को थर्ड पार्टी के माध्यम से काम पर रखने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि वर्ष 2003 से 2024 तक नगर निगम में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए और उन्हें 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके साथ ही मृतक कर्मचारियों के परिजनों को नियमानुसार नौकरी और पेंशन दी जाए। कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई है कि जिन कर्मचारियों को काम से हटाया गया है, उन्हें दोबारा काम पर रखा जाए।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों के साथ वार्ता कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
इस बीच रुड़की के पूर्व मेयर Gaurav Goyal भी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को उचित बताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के धरने के कारण शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है और कई जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जिससे नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।