नई दिल्ली। दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से राजधानी के कई इलाकों में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण यानी ग्रैप-3 की पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया था। वहीं, 7 नवंबर की सुबह कई इलाकों में यह गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। आईआईटी दिल्ली में सबसे अधिक 442 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग में 433, मुंडका में 421, रोहिणी में 418, आरके पुरम में 417, सोनिया विहार में 414 और नजफगढ़ में 413 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
एनसीआर के नोएडा में भी प्रदूषण का असर साफ दिखाई दिया। सेक्टर-62 में एक्यूआई 415 तक पहुंच गया, जबकि सेक्टर-116 में 287, सेक्टर-125 में 281 और सेक्टर-150 में 230 दर्ज किया गया।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रैप-3 के तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी गई है। मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, खुले में रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट चलाने और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। निजी कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग और आईआईटी के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

