देहरादून। उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में तेजी आई है। प्रदेश में अब तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 84,707 किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। यह कुल संशोधित लक्ष्य 95 हजार का 89.17 प्रतिशत है। खास बात यह है कि प्रदेश के पांच जिलों ने टीकाकरण में 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया था। इसके तहत 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आंकड़ों के अनुसार, पिथौरागढ़ 101.80 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। चमोली ने 101.39 प्रतिशत, उत्तरकाशी ने 100.85 प्रतिशत, ऊधम सिंह नगर ने 100.75 प्रतिशत और चम्पावत ने 100.62 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। अन्य जिलों में भी पात्र किशोरियों का टीकाकरण जारी है।
अभियान के तहत 2 नवंबर 2026 को प्रदेशभर में 43 टीकाकरण सत्र नियोजित किए गए थे, जिनमें से 31 आयोजित हुए। इन सत्रों में 57 किशोरियों को टीका लगाया गया। अभियान शुरू होने से अब तक कुल 16,710 सत्र निर्धारित किए गए, जिनमें 15,895 सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव में कारगर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। एचपीवी वैक्सीन विशेष रूप से कैंसरकारी वायरस के प्रमुख प्रकारों एचपीवी-16 और एचपीवी-18 से बचाव में मदद करती है। निर्धारित आयु में टीकाकरण कराने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम करने में सहायता मिलती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र बेटियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध निःशुल्क एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं।

