नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को श्रीनगर में चार ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वित्तीय नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की तलाश है।
ईडी के श्रीनगर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, उमर आदिल डार पर लश्कर-ए-तैयबा के ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में काम करने और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। एजेंसी अब उसके सहयोगियों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी ने बताया कि उमर आदिल डार को पहले उसके सहयोगियों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य के साथ पकड़ा गया था। जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और भारत विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में वह करीब चार साल जेल में भी रह चुका है।
ईडी की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कथित आतंकी गतिविधियों से अर्जित धन का पता लगाना और उसके इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की पहचान करना है। इसके साथ ही एजेंसी फंडिंग के माध्यमों, संदिग्ध लेनदेन और सीमा पार बैठे कथित हैंडलरों के साथ आरोपितों के संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
छापेमारी के दौरान जुटाए जा रहे दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आतंकी गतिविधियों के लिए धन कहां से जुटाया जा रहा था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
