अमरावती/नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने भारी तबाही मचाई है। तूफान के तट से टकराने के बाद तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जिलों में हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और मछुआरों की नावों को भी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से घरों के अंदर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। पुलिसकर्मी प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। प्रशासन को जान-माल के नुकसान को रोकने और संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
बापटला और प्रकाशम समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर बिजली के खंभों, सब-स्टेशनों और अन्य जरूरी सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
प्रकाशम जिले के ओंगोल में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई कच्चे मकान ढह गए। इनमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू किया है। वहीं, जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आंध्र केसरी तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु की प्रतिमा पर विशाल पेड़ गिरने से प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई।
मुख्यमंत्री नायडू ने अमित शाह को चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से उत्पन्न हालात तथा विभिन्न जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने पर केंद्र सरकार का आभार जताया। साथ ही राज्य को आपदा से उबरने के लिए आवश्यक आर्थिक और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
