ज्योतिर्मठ। उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के समीप हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीर बरामद कर लिए गए हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चलाया गया रेस्क्यू अभियान पूरा हो गया है। सभी पार्थिव शरीरों को जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद से ही विभिन्न सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की टीमें बचाव अभियान में जुटी थीं। दुर्घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता बेहद कठिन और दुर्गम होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग ने आपसी समन्वय से अभियान को अंजाम दिया।
बचाव दलों के जवान पैदल कठिन पहाड़ी रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचे और सभी छह पार्थिव शरीरों को सुरक्षित बाहर निकालकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें जोशीमठ सीएचसी लाया गया। यहां जरूरी कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद एनटीपीसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा निजी हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के समीप वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एएस-350बी-3 हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। इसमें पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे, जिनमें पांच यात्री शामिल थे।
हादसे में पायलट और पांचों यात्रियों की मौत हो गई थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने खोज एवं राहत अभियान शुरू कर दिया था। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद संयुक्त प्रयासों से सभी पार्थिव शरीरों को बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही हादसे के बाद शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान समाप्त हो गया है।
