देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन और सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।
मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम सामान्य होने तक ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर यातायात नियंत्रित करने को कहा है। सड़कें बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
धामी ने जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखने को कहा। राजस्व, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पुलिस, एसडीआरएफ और अग्निशमन दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर नजर
मुख्यमंत्री ने खराब मौसम के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
