धुबड़ी (असम)। भूटान में ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद असम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूटान के गाशा जिले के लाया क्षेत्र में स्थित शिंताफू झील से गुरुवार देर शाम अचानक पानी निकलकर पुनात्सांगचू नदी में तेजी से बहने लगा। इससे भारत में संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका जताई गई है।
केंद्र सरकार ने असम के धुबड़ी जिले और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार तथा जलपाईगुड़ी के कुछ क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार, भूटान में ग्लेशियर झील के फटने से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की स्थिति बनी है। पुनात्सांगचू नदी को भारत में संकोश नदी के नाम से जाना जाता है। आशंका है कि नदी के ऊपरी क्षेत्रों से आया बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटे में भारतीय सीमा तक पहुंच सकता है।
NDRF और SDRF को अलर्ट रहने के निर्देश
संभावित खतरे को देखते हुए गुवाहाटी स्थित प्रथम बटालियन एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के तूफानगंज और बक्सिरहाट क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की बचाव टीमें तैनात की गई हैं।
धुबड़ी जिला प्रशासन ने भी एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों को सतर्क रहने तथा स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठा रहा है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता की अपील
प्रशासन ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को बच्चों और पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
असम और पश्चिम बंगाल के प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में जलस्तर की निगरानी और बचाव तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
