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तमिलनाडु में पूर्व मंत्री केएन नेहरू पर शिकंजा, 25 ठिकानों पर DVAC की छापेमारी

त्रिची (तमिलनाडु)। तमिलनाडु में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (डीवीएसी) ने गुरुवार को पूर्व मंत्री और डीएमके के प्रमुख सचिव केएन नेहरू से जुड़े करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उनके कार्यकाल के दौरान नगर प्रशासन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग में 2,538 सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है।

अधिकारियों ने सुबह त्रिची के थिल्लई नगर स्थित नेहरू के आवास और कार्यालय परिसर में तलाशी शुरू की। जानकारी के अनुसार, तीन वाहनों में पहुंचे सतर्कता विभाग के 15 से अधिक कर्मचारियों ने परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की।

चेन्नई और त्रिची समेत कई स्थानों पर कार्रवाई

डीवीएसी की टीमों ने नेहरू से जुड़े चेन्नई और त्रिची समेत करीब 25 ठिकानों पर दबिश दी। इसी क्रम में चेन्नई के राजा अन्नामलाईपुरम स्थित उनके भाई केएन रविचंद्रन के आवास और कार्यालय की भी तलाशी ली गई। रविचंद्रन टीवीएच बिल्डर्स कंपनी के मालिक हैं।

जांच एजेंसी की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब इससे पहले भी रविचंद्रन के ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। पांच सितंबर को टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग ने उनके आवास और कार्यालय में तलाशी ली थी।

पहले की कार्रवाई में 241 दस्तावेज जब्त

पिछली छापेमारी के बाद विभाग ने जानकारी दी थी कि तलाशी के दौरान 241 दस्तावेज और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए थे। अब भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही ताजा कार्रवाई में अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

जांच के विस्तृत विवरण का इंतजार

पूर्व मंत्री केएन नेहरू तमिलनाडु की पिछली डीएमके सरकार में नगर प्रशासन मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में पार्टी के प्रमुख सचिव हैं। उनके कार्यकाल में हुई नियुक्तियों को लेकर दर्ज मामले में जांच आगे बढ़ रही है।

फिलहाल, ताजा छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ और जांच में क्या तथ्य सामने आए, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है। छापेमारी अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करती है।

 

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