गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार को दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हो गया। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सैनिक, जनसेवक और प्रशासक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1991 में गढ़वाल लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने गए। उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए खंडूड़ी ने देश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में योगदान दिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में 2007 और 2011 में उन्होंने पारदर्शी प्रशासन, अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
हीरा सिंह बिष्ट के जनसेवा कार्यों को किया याद
मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन आम लोगों, श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित किया। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले बिष्ट ने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं।
धामी ने कहा कि श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। उनका जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
अनुपूरक बजट और 445 सवालों पर रहेगी नजर
विधानसभा सत्र के दौरान सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करेगी। सदन में विभिन्न विभागों से संबंधित 445 प्रश्नों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। इसके अलावा नौ विधेयक भी प्रस्तुत किए जाने हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मौजूदा विधानसभा का यह अंतिम सत्र माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस ने पलायन, कानून-व्यवस्था और अंकिता भंडारी प्रकरण सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
सत्र के मद्देनजर विधानसभा परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात करने के साथ क्षेत्र को पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।
