महेंद्र भट्ट ने कहा कि वर्तमान विधानसभा कार्यकाल के आखिरी सत्र की शुरुआत भी विपक्ष ने सकारात्मक चर्चा के बजाय विरोध-प्रदर्शन से की। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों को आधार बनाकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन में अपेक्षित जनभागीदारी दिखाई नहीं दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सक्रियता जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय कैमरों के सामने प्रदर्शन करने तक सीमित रही। उन्होंने कहा कि कई दिनों से न्याय यात्रा और जनहित के मुद्दों को लेकर प्रचार करने वाली कांग्रेस के कार्यकर्ता भी गैरसैंण में बड़ी संख्या में नहीं जुट सके। आम जनता की भागीदारी नहीं होने को उन्होंने कांग्रेस के प्रति लोगों के भरोसे की कमी का संकेत बताया।
भट्ट ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जनता के मुद्दों को उठाने के लिए केवल आरोप लगाने या प्रदर्शन करने से काम नहीं चलता। इसके लिए ठोस तथ्यों, सकारात्मक पहल और जनसमर्थन की आवश्यकता होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन मोर्चों पर प्रभावी साबित नहीं हो रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस की नीयत और राजनीतिक क्षमता जनता के सामने स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने आगामी 2027 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और भाजपा के सामने कांग्रेस की स्थिति कमजोर रहेगी।
भट्ट के बयान के बाद गैरसैंण में हुए विधानसभा घेराव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। जहां कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का दावा किया, वहीं भाजपा ने प्रदर्शन को जनसमर्थन से वंचित बताते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।
