केपटाउन, 24 अक्टूबर। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने टीम की बल्लेबाजी में सामूहिक योगदान की कमी को हार की प्रमुख वजह बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग बल्लेबाजों ने शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन टीम बड़ी साझेदारियां बनाने में नाकाम रही है। अब ऑस्ट्रेलिया की नजर 27 अक्टूबर से केपटाउन में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट में वापसी करने पर है।
गकेबरहा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की एक पारी महज 99 रन पर सिमट गई थी। इस प्रदर्शन पर निराशा जताते हुए हेड ने कहा कि टीम का एक दिन बेहद खराब रहा। उनके मुताबिक, यदि ऑस्ट्रेलिया 99 रन पर आउट नहीं होता, तो मैच ड्रॉ होने की संभावना काफी बढ़ सकती थी। उन्होंने माना कि टीम से कहां गलती हुई, यह स्पष्ट है और बल्लेबाजी में सुधार करना जरूरी है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद टीम को नहीं मिली सफलता
हेड ने कहा कि पिछले चार टेस्ट मैचों में कई बल्लेबाजों ने उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन टीम लगातार सामूहिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने खुद गकेबरहा में 121 रन बनाए थे। इसके अलावा मैथ्यू रेनशॉ, कैमरन ग्रीन और स्टीव स्मिथ भी अलग-अलग मुकाबलों में बड़ी पारियां खेल चुके हैं।
इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हेड के अनुसार, शीर्ष पांच बल्लेबाजों के बीच बड़ी साझेदारियों की कमी टीम के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने जोर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में लंबी साझेदारियां बनाना ऑस्ट्रेलिया की पारंपरिक ताकत रही है और इसी से मैच जीतने का रास्ता बनता है।
बल्लेबाजी क्रम में बदलाव पर भी बोले हेड
तीसरे टेस्ट से पहले कैमरन ग्रीन और जोश इंग्लिस की उपलब्धता के बीच ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की चर्चा है। मैथ्यू रेनशॉ के साथ पारी की शुरुआत करने का विकल्प भी सामने है।
इस पर हेड ने कहा कि उन्हें पहले या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने में कोई परेशानी नहीं है। उनके मुताबिक, बल्लेबाजी क्रम से ज्यादा जरूरी अपनी तकनीक और कौशल का सही इस्तेमाल करना है।
तीसरे टेस्ट में वापसी की चुनौती
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में न्यूलैंड्स में होने वाला मुकाबला निर्णायक महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया को जीत की राह पर लौटने के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों को टीम के सामूहिक प्रदर्शन में बदलना होगा।
