देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है, लेकिन कांग्रेस चुनावी पराजय स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है।
पार्टी कार्यालय मे पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह नयी यात्रा नही, बल्कि पहले भी थूकने वाली यात्रा निकल चुकी है। जनता ने कांग्रेस का क्या हस्र किया यह छिपा नही है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रदेशभर में दो चरणों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा। इसका प्रथम चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तथा द्वितीय चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा। अभियान के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों में पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश के सभी 13 जनपदों में निकाली जाएंगी पदयात्राएं
मुख्यमंत्री ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्रथम चरण में 31 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें दस हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की अपेक्षा है। 3 नवंबर को रुद्रपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर में भी पदयात्रा आयोजित होगी।
दशकों से कई राज्यों में सत्ता से बाहर कांग्रेस, अपनी विफलताओं का दोष दूसरों पर मढ़ना बंद करे
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की लगातार चुनावी पराजयों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनेक राज्यों में कांग्रेस दशकों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लंबे समय से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है, तो क्या इसके लिए भी वर्तमान चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने वर्ष 2025 में पदभार ग्रहण किया, जबकि कांग्रेस की चुनावी विफलताओं का सिलसिला इससे बहुत पहले से जारी है।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास चिंताजनक
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत का भविष्य है। युवाओं की ऊर्जा शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए, लेकिन कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काकर टकराव और अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रही हैं।
दिल्ली की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं और बच्चों को आगे रखकर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने का प्रयास अत्यंत चिंताजनक है। कुछ लोगों द्वारा देश में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने और व्यवस्था को अस्थिर करने संबंधी बयान दिए जाना भी गंभीर विषय है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग भारत में भी दूसरे देशों जैसी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक परिस्थितियां पैदा करना चाहते हैं? भारत का लोकतंत्र अत्यंत मजबूत है और यहां परिवर्तन का मार्ग हिंसा या अराजकता नहीं, बल्कि संविधान और जनता का जनादेश है।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि अपने लंबे शासनकाल में उसने प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्य किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को जनता के सामने अपने शासनकाल का हिसाब रखना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन मुद्दों पर न्याय दिलाने की बात कर रही है। यदि कांग्रेस वास्तव में न्याय के प्रति गंभीर है, तो उसे प्रत्येक मामले में तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
