मुख्य सचिव ने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आवासीय सुविधाओं वाले संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए विद्यालयों के संचालन की व्यवस्था में व्यापक सुधार करना जरूरी है।
सोसाइटी के माध्यम से संचालन की तैयारी
आनंद बर्द्धन ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने की व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के निर्देश भी दिए। इससे विद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जिम्मेदारियों का निर्धारण और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
स्थायी प्रधानाचार्य और योग्य शिक्षकों पर जोर
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में स्थायी प्रधानाचार्यों और समर्पित शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए।
शिक्षकों की नियुक्ति में निर्धारित शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं के साथ उच्च शिक्षा तथा शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वैकल्पिक और अस्थायी व्यवस्था के जरिए पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाए। साथ ही विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को जरूरत के अनुसार मजबूत किया जाए।
नया सत्र शुरू होने से पहले पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया
मुख्य सचिव ने प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से कम से कम एक महीने पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित कर लिए जाएं, ताकि पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।
इन निर्देशों का उद्देश्य राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करना है।
